CAGR: चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर
CAGR और संचयी प्रतिफल के बीच संबंध तथा इसका उपयोग निवेश लक्ष्यों को पढ़ने में कैसे करें।
रविवार, 3 अप्रैल 2022

सारांश
परिभाषा
चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (Compound Annual Growth Rate) बताती है कि किसी निवेश को प्रारंभिक मूल्य से अंतिम मूल्य तक पहुँचने के लिये हर साल औसतन कितना बढ़ना पड़ा। यह मान बिंदुवार उतार–चढ़ावों को नजरअंदाज कर दीर्घकालिक स्थिर गति का संकेत देता है।
सूत्र
$CAGR = \left(\frac{Ending\ Value}{Beginning\ Value}\right)^{\frac{1}{n}} - 1$
जहाँ $n$ निवेश की अवधि (वर्षों में) है।
संचयी प्रतिफल बनाम CAGR
संचयी प्रतिफल (Total Return) बताता है कि पूरी अवधि में कुल कितना % परिणाम मिला, जबकि CAGR उसी परिणाम को वार्षिक दर के रूप में पेश करता है। यदि किसी पोर्टफोलियो ने तीन वर्षों में 33% कुल प्रतिफल दिया है तो CAGR ≈ 10% होगा, यानी मानो हर वर्ष 10% चक्रवृद्धि वृद्धि हुई हो।
उपयोग
- विभिन्न निवेशों की दीर्घकालिक वृद्धि दर की तुलना।
- वित्तीय लक्ष्यों (जैसे सेवानिवृत्ति) तक पहुँचने के लिये आवश्यक औसत प्रतिफल का अनुमान।
- ऐतिहासिक डेटा से यह परखना कि कोई फंड बाजार से लगातार बेहतर रहा या नहीं।
सीमाएँ
वरीयता से CAGR औसत व्यवहार दिखाता है, अत: बीच की अस्थिरता (वोलैटिलिटी) या नकदी प्रवाह (cash flow timing) को शामिल नहीं करता। जोखिम विश्लेषण के लिये इसे अन्य मीट्रिक्स (जैसे मानक विचलन, शार्प अनुपात) के साथ देखें।
CAGR दीर्घकालिक निवेशकों के लिये एक सहज संकेतक है क्योंकि यह “सपाट” वृद्धि दर का अनुमान देता है और यह समझने में मदद करता है कि लक्ष्य पूरा करने के लिये पोर्टफोलियो को सालाना किस गति से बढ़ना होगा।
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