CAPM मॉडल
कैपिटल एसेट प्राइसिंग मॉडल से अपेक्षित प्रतिफल, बीटा और जोखिम-मुक्त दर के बीच संबंध समझें।
सोमवार, 19 सितंबर 2022

CAPM का सार
CAPM बताता है कि किसी एसेट का अपेक्षित प्रतिफल उसके प्रणालीगत जोखिम (बीटा), जोखिम मुक्त प्रतिफल और बाजार प्रीमियम पर निर्भर करता है।
$E(R_i) = R_f + \beta_i \cdot (E(R_m) - R_f)$
जहाँ $E(R_i)$ = एसेट का प्रत्याशित प्रतिफल, $R_f$ = जोखिम मुक्त दर, $E(R_m)$ = बाजार का प्रत्याशित प्रतिफल और $\beta_i$ = एसेट का बीटा।
निवेशकों के लिये उपयोग
- कॉस्ट ऑफ इक्विटी निकालने के लिये कॉर्पोरेट वित्त में CAPM अहम है।
- प्रदर्शन मूल्यांकन: वास्तविक प्रतिफल की CAPM द्वारा अनुमानित प्रतिफल से तुलना कर अल्फ़ा निकाला जाता है।
- पोर्टफोलियो डिज़ाइन: उच्च बीटा = उच्च अपेक्षित प्रतिफल, लेकिन अधिक अस्थिरता।
मान्यताएँ और सीमाएँ
- बाजार दक्ष (efficient) है, निवेशक तार्किक और विविधीकृत हैं।
- सभी निवेशक समान समयावधि और जोखिम मुक्त दर पर उधार/निवेश कर सकते हैं।
- वास्तविक दुनिया में टैक्स, ट्रांज़ैक्शन कॉस्ट और बहु-फैक्टर जोखिम इन धारणाओं को चुनौती देते हैं।
फिर भी, CAPM पूँजीगत परिसंपत्तियों के मूल्य निर्धारण की बुनियादी भाषा प्रदान करता है और कई उन्नत मॉडल (जैसे फ़ामा-फ्रेंच) इसी से आगे विकसित किये गये हैं।
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